प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अंतर्गत लक्ष्य के विरुद्ध कम उपलब्धि रहने पर उपायुक्त ने जताई नाराजगी, सुधार लाने का निर्देश

Jun 5, 2025 - 16:29
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प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अंतर्गत लक्ष्य के विरुद्ध कम उपलब्धि रहने पर उपायुक्त ने जताई नाराजगी, सुधार लाने का निर्देश

Jamtara News: उपायुक्त द्वारा समाज कल्याण विभाग अंतर्गत कार्यान्वित कार्यों एवं संचालित योजनाओं की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई एवं विभिन्न बिंदुओं पर आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया। उपायुक्त द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों में सेविका एवं सहायिका के रिक्त पदों के विरुद्ध चयन को लेकर जिला स्तर से पत्राचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वहीं आंगनवाड़ी केंद्रों में मूलभूत सुविधाओं की जानकारी लेते हुए भवनविहीन, विद्युतविहीन एवं पेयजल एवं शौचालय विहीन केंद्रों की समीक्षा कर पेयजलापूर्ति एवं विद्युत आपूर्ति को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक एवं उचित दिशा निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में सोलर पैनल लगाने को लेकर प्रस्ताव उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

आगे उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना अंतर्गत लक्ष्य के विरुद्ध बेहद कम उपलब्धि रहने पर नाराजगी जाहिर किया। कहा कि आप लोगों की अरुचिपूर्णरवैए को लेकर सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ लक्षित वर्ग तक नहीं पहुंच पाता है। गरीब लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल पाता है। उन्होंने कहा कि उपलब्धि काफी निराशाजनक है, इसमें सुधार लाइए अन्यथा कार्रवाई को लेकर तैयार रहिए। वहीं उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सभी अपने कार्य में सुधार लाएं, जिस भी प्रखंड से अपेक्षित प्रगति नहीं मिलेगा, हम कड़ी कार्रवाई करेंगे। इसके अलावा उन्होंने आंगनबाड़ी, पोषण ट्रैकरएप पर एंट्री, सैम चाइल्ड, आधार वेरिफाइडलाभुक व मोबाइल वेरिफाइड, डेली मॉनिटरिंग, होम विजिट, टीकाकरण, टीएचआर/एचसीएम आदि में शत प्रतिशत उपलब्धि लाने सहित अन्य क्रियान्वित कार्यों/योजनाओं के अद्यतन प्रगति की समीक्षा की गई एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया।

उपायुक्त द्वारा निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि जिले में वर्तमान में 03 कुपोषण उपचार केंद्र संचालित हैं, जिसमें बेडों की संख्या 40 है एवं 32 बच्चे उसमें भर्ती हैं। उन्होंने समीक्षा के क्रम में पाया कि कई प्रखंड में कुपोषित बच्चों की संख्या शून्य है तो कई प्रखंड में बेहद कम। उपायुक्त ने रिपोर्ट पर निराशा जाहिर करते हुए कहा कि अधिकारी अपने जिम्मेवारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन नहीं कर रहे हैं। एमटीसी सेंटर का समुचित उपयोग होना चाहिए। वहीं उन्होंने कहा कि अगली बैठक तक 01 भी बेड खाली नहीं होने चाहिए। साथ ही बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं महिला पर्यवेक्षिका को एमटीसी सेंटर विजिट कर उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। 

बैंक खाता/ आधार सीडिंग में पाई गई त्रुटियों का 15 दिनों के अंदर सुधार कर लाभुकों को पेंशन योजन से आच्छादित करें - उपायुक्त

वहीं सामाजिक सुरक्षा के तहत झारखण्ड मुख्यमंत्री मईया सम्मान योजना के पेंशन भुगतान के अलावा अन्य केंद्र एवं राज्य प्रायोजित पेंशन स्कीम के भुगतान की जानकारी ली। इसके अलावा पेंशन पेमेंट फेल्यर, राष्ट्रीय परिवार हित योजना सहित अन्य की समीक्षा किया। समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने अयोग्य लाभुकों को हटाने एवं राशि वसूली को लेकर जानकारी ली। उन्होंने अयोग्य लाभुकों से राशि वसूली की समीक्षा कर सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया कि राशि वसूली नहीं होने की स्थिति में सर्टिफिकेट केस करते हुए प्रतिवेदन उपलब्ध कराएंगे। इसके अलावा उन्होंने बैंक खाता/ आधार सीडिंग के वजह से कुल 864 लाभुकों के पेंशन भुगतान लंबित रहने को गंभीरता से लेते हुए 15 दिनों के भीतर त्रुटि सुधार कर पेंशन भुगतान करने का निर्देश दिया। इसके अलावा उन्होंने अन्य बिंदुओं पर भी आवश्यक एवं उचित दिशा निर्देश दिया।

 

स्पॉन्सरशिप योजना का करें वृहत प्रचार प्रसार; ज्यादा से ज्यादा लाभुकों को इस योजना से जोड़े - उपायुक्त

वहीं उपायुक्त ने बाल संरक्षण इकाई की समीक्षा करते हुए स्पॉन्सरशिप योजना, पीएम केयर्सफॉर चिल्ड्रन आदि की समीक्षा की। उन्होंने स्पॉन्सरशिप योजना के तहत लाभुकों की संख्या कम होने पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि अवेयरनेस की कमी एवं अधिकारियों की लापरवाही के कारण योजना के लाभ से लोग आच्छादित नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप लोगों को अपने घर से पैसा नहीं देना है। जब सरकार योजना के तहत फंड दे रही है तो आप लोग कार्य क्यों नहीं कर रहे हैं, इसकी संख्या बढ़ाएं।

बढ़िया से काम करिए

वहीं उपायुक्त ने बैठक में सभी को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग बढ़िया से काम करिए एवं सोशल सेक्टर में सुधार लाइए। कोई समस्या हो तो हमें बताएं, उसका निराकरण किया जाएगा। साथ ही उन्होंने जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को अपूर्ण रिपोर्ट को लेकर गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए अगली बैठक से कॉम्प्रिहेंसिंव रिपोर्ट लाने का निर्देश दिया।

इस मौके पर  उप विकास आयुक्त श्री निरंजन कुमार,सिविल सर्जन डॉ आनंद मोहन सोरेन, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमति कलानाथ, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी श्रीमती अंजू पोद्दार, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी के अलावा संबंधित बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षिका एवं अन्य उपस्थित रहे।।।