झारखंड: वित्त वर्ष 2025–26 समापन की ओर, सामाजिक कल्याण और शिक्षा सेक्टर में सबसे अधिक बजट खर्च
झारखंड बजट 2025–26 में सामाजिक कल्याण, शिक्षा और ग्रामीण विकास पर सबसे ज्यादा खर्च। जानें किस सेक्टर को कितना बजट आवंटन
रांची: झारखंड में वित्त वर्ष 2025–26 के समापन का समय नजदीक आते ही विभिन्न विभागों में बजट खर्च और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा तेज हो गई है। इस वित्तीय वर्ष के बजट प्रावधानों के अनुसार राज्य सरकार ने सामाजिक कल्याण, शिक्षा, ग्रामीण विकास और स्वास्थ्य जैसे जनहित क्षेत्रों पर सबसे अधिक राशि खर्च करने की योजना बनाई थी।
सेक्टर-वार बजट आवंटन के अनुसार इस वित्त वर्ष में सामाजिक कल्याण एवं वेलफेयर योजनाओं पर सबसे बड़ा हिस्सा, करीब 17.47% खर्च के लिए निर्धारित रहा। इसके अंतर्गत पेंशन, सहायता और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी गई।
शिक्षा क्षेत्र दूसरे स्थान पर रहा, जहां कुल बजट का 12.11% आवंटित किया गया। वहीं ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज योजनाओं के लिए 11.39% राशि निर्धारित रही, जिससे गांव स्तर पर आधारभूत ढांचे और स्थानीय विकास कार्यों को आगे बढ़ाया गया।
🔹 अन्य प्रमुख सेक्टर में बजट प्रावधान
स्वास्थ्य एवं पेयजल – 8.38%
पेंशन – 7.00%
ऊर्जा – 6.80%
पुलिस एवं आपदा प्रबंधन – 6.82%
राजस्व, श्रम, पर्यटन, IT व अन्य – 6.82%
ऋण अदायगी – 6.45%
कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र – 4.71%
ब्याज भुगतान – 4.37%
सड़क एवं परिवहन – 4.27%
शहरी विकास एवं आवास – 2.46%
वन एवं पर्यावरण – 0.95%
🔹 विभागों को खर्च लक्ष्य पूरा करने का निर्देश
वित्त वर्ष के क्लोजिंग चरण में विभागों को आवंटित बजट के अनुरूप खर्च सुनिश्चित करने, लंबित योजनाओं को पूरा करने और उपयोगिता प्रमाणपत्र (UC) जमा करने पर जोर दिया जा रहा है। कई विभागों में अंतिम तिमाही में खर्च की रफ्तार बढ़ी है ताकि बजट लैप्स न हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष का बजट पैटर्न स्पष्ट रूप से जनकल्याण और बुनियादी सेवाओं पर केंद्रित रहा है। अब नजर इस बात पर है कि वित्त वर्ष समाप्ति तक वास्तविक खर्च और योजनाओं का जमीनी असर कितना दिखाई देता है।

