मधुपुर में जनता ने शहर में चल रहे रोड निर्माण कार्यों पर उठाए कई सवाल
भारत में सड़क निर्माण देश के विकास की रीढ़ है। अच्छी सड़कें न केवल यातायात को सुगम बनाती हैं, बल्कि व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन को भी बढ़ावा देती हैं। लेकिन क्या सच में मधुपुर में सड़क निर्माण के क्षेत्र में व्यापक भ्रष्टाचार चल रहा है?
मधुपुर में रोड निर्माण या भ्रष्टाचार ?
घटिया सामग्री का उपयोग: लोगों का आरोप है ठेकेदार लागत घटाने और अधिक लाभ कमाने के लिए निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग कर रहे हैं। साथ ही अच्छे रोड के ऊपर ही रोड का निर्माण कर रहे हैं।
घूस और कमीशन: क्या ठेका लेने से लेकर बिल पास कराने तक हर स्तर पर रिश्वतखोरी झारखंड में आम है? लेकिन जिस तरह से मधुपुर में सड़क निर्माण में मिली भगत से जो खेल चल रहा है, ऐसा पहले देखने को नहीं मिला था।
निरीक्षण में लापरवाही: संबंधित अधिकारी अक्सर निर्माण स्थल का सही निरीक्षण नहीं करते या जानबूझकर अनदेखी करते हैं। जब मधुपुर में सड़क निर्माण में उनसे सवाल पूछा गया तो जवाब देने से बचते दिखे।
राजनीतिक हस्तक्षेप: कई बार ठेके राजनीतिक दबाव में ऐसे लोगों को मिल जाते हैं जिनके पास तकनीकी योग्यता नहीं होती। साथ ही बड़े बड़े अफसरों और नेताओं के मिली भगत से ये सारा खेल चलता है। कहीं मधुपुर में भी ऐसा तो नहीं हो रहा है?
रात में निर्माण पर सवाल ?
मधुपुर में रात्रि में सड़क निर्माण कराया जा रहा है। शायद ऐसा तो नहीं ताकि आम लोगों को इसकी गुणवत्ता का पता न चले? क्या आम लोगों को चल रहे कार्यों को पता न चले इस से बचने के लिए ठेकेदार रात्रि में निर्माण कार्य करा रहें हैं? कही ऑफिसर और संबंधित विभागीय इंजीनियर की अनुपस्थि में जैसे तैसे कार्य कर निकल जाने की नियत से तो ऐसा नहीं कर रहा है? जनता को इस विषय पर चिंतन की आवश्यकता है।
रात में निर्माण कार्य स्थल पर एक भी अधिकारी नहीं थे मौजूद
रात्रि में सड़क निर्माण में ठेकेदार को अधिकारी नहीं रोक रहें हैं। क्या अधिकारी जान बुझ कर ऐसा कर रहे हैं? कई सवाल विभागीय अधिकारी पर खड़ा हो रहा है। गुणवत्ता नहीं रहने पर सड़कों की उम्र बहुत कम हो जाती है; कुछ ही महीनों में गड्ढे बन जाते हैं। नतीजा आम जन को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
ये सारी समस्याओं का सामना आम जन को करना पड़ सकता है
- जनता का धन व्यर्थ हो सकता है।
- दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ जाती है, जिससे जान-माल की हानि हो सकती है।
- राज्य की छवि और विकास की गति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
भ्रष्टाचार को समाप्त करना सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 ही एक मात्र समाधान
सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार को समाप्त करना केवल सरकार का नहीं, बल्कि समाज के हर नागरिक का कर्तव्य है। जब तक हम ईमानदारी और जिम्मेदारी से अपने दायित्व निभाएँगे, तब तक सच्चे अर्थों में विकास संभव नहीं है। अगर कही भ्रष्टाचार दिखे तो सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत संबंधित विभाग से चल रहे कार्यों से संबंधित सूचना मांग सकते हैं और लोकायुक्त को शिकायत कर सकते हैं।

