लालगढ़ प्रकरण पर मंत्री हफीजुल हसन का सख्त रुख, दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई

Jan 16, 2026 - 18:46
Jan 16, 2026 - 18:45
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लालगढ़ प्रकरण पर मंत्री हफीजुल हसन का सख्त रुख, दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई

मधुपुर: लालगढ़ क्षेत्र में हाल ही में उत्पन्न तनावपूर्ण हालात को लेकर मधुपुर के विधायक एवं झारखंड सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण तथा जल संसाधन विभाग के मंत्री श्री हफीजुल हसन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार और जिला प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है तथा किसी भी प्रकार की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सौहार्द और कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं

मंत्री हफीजुल हसन ने कहा कि लालगढ़ में उत्पन्न स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है और समाज की एकता को प्रभावित करने वाले प्रयासों को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा, “हर नागरिक को संविधान के अंतर्गत अपने धर्म के अनुसार आराधना करने का अधिकार है। इस अधिकार के साथ छेड़छाड़ या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास गंभीर अपराध है।”

भड़काऊ तत्वों पर प्रशासन की पैनी नजर

मंत्री ने स्पष्ट किया कि जो लोग जानबूझकर सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने या अफवाह फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा, “चाहे कोई भी व्यक्ति या समूह हो, कानून तोड़ने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।”

बाहरी राजनीति को नहीं मिलेगी जगह

इस दौरान मंत्री ने बाहरी तत्वों द्वारा मामले को राजनीतिक रंग देने के प्रयासों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लालगढ़ और मधुपुर की जनता आपसी भाईचारे को भली-भांति समझती है और समाज में नफरत फैलाने वालों को यहां कोई समर्थन नहीं मिलेगा।

प्रशासन को निष्पक्ष जांच के निर्देश

मंत्री ने बताया कि जिला प्रशासन को पूरे मामले की निष्पक्ष और गंभीर जांच के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती कर शांति व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया है। अफवाह फैलाने वालों और सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी प्रसारित करने वालों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।

जनता से संयम और सहयोग की अपील

अंत में मंत्री हफीजुल हसन ने लालगढ़ की जनता से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन का सहयोग करें।

उन्होंने कहा, “शांति, सद्भाव और कानून का सम्मान हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। क्षेत्र की शांति से किसी भी तरह का समझौता नहीं होगा।”