मधुपुर में 1 और 2 रुपये के सिक्के नहीं ले रहें है दुकानदार, छोटे लेन-देन में बढ़ी मुश्किलें

Nov 11, 2025 - 23:16
Nov 18, 2025 - 21:27
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मधुपुर में 1 और 2 रुपये के सिक्के नहीं ले रहें है दुकानदार, छोटे लेन-देन में बढ़ी मुश्किलें

मधुपुर: स्थानीय बाजार में पिछले कुछ वर्षों से 1 और 2 रुपये के सिक्कों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। शहर के अधिकांश छोटे और बड़े व्यापारियों और दुकानदारों ने इन सिक्कों को लेने से साफ इनकार कर दिया है। इस बदलाव के कारण आम जनता को अपने रोजमर्रा के छोटे लेन-देन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

बाजार सूत्रों के अनुसार, 1 और 2 रुपये के छोटे सिक्के लगभग पूरी तरह से लेन-देन की प्रक्रिया में नहीं हैं और कहीं भी स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं। यहाँ तक कि छोटे-छोटे लेन-देन में भी अब सीधे 5 रुपये ही लेते हैं। यदि ग्राहक को 1 या 2 रुपये कीमत की कोई वस्तु खरीदना हो तो मजबूरी में उन्हें कम से कम 5 रुपये खर्च करने पड़ते हैं, जिससे उनकी दैनिक खरीददारी का बजट प्रभावित हो रहा है।

वहीं बड़े सिक्के कुछ जगहों पर मुश्किल से या बड़ी खरीदारी के दौरान ही स्वीकार किए जा रहे हैं, जबकि कई दुकानदार इन्हें भी लेने से कतरा रहे हैं। अफवाह यह है कि बैंक अब इन छोटे सिक्कों को जमा नहीं कर रहे हैं। हालांकि, किसी भी आधिकारिक संस्था, जैसे कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) या स्थानीय बैंक शाखा द्वारा इन सिक्कों के प्रचलन को बंद करने की कोई घोषणा नहीं की गई है।

दुकानदारों के इस रुख से सबसे ज्यादा प्रभावित गरीब और छोटे खरीदार हुए हैं। सब्जी मंडी, ऑटो रिक्शा चालक, और दैनिक उपयोग की वस्तुओं वाली दुकानों पर खुले पैसे को लेकर अक्सर विवाद की स्थिति बन रही है। 49 या 99 रुपये जैसी कीमतों पर खरीदारी करने वालों को शेष बचे 1 या 2 रुपये के बदले अक्सर टॉफी या अन्य चीजें लेनी पड़ रही हैं, क्योंकि दुकानदार सिक्का वापस लेने से मना कर रहे हैं।

स्थानीय प्रशासन और बैंक अधिकारियों को इस विषय पर तुरंत संज्ञान लेने की आवश्यकता है। उन्हें न केवल सिक्कों के वैध प्रचलन के बारे में स्पष्टीकरण जारी करना चाहिए, बल्कि व्यापारियों और बैंकों के बीच सिक्कों को स्वीकार करने के संबंध में समन्वय स्थापित करना चाहिए। यदि 1 और 2 रुपये के सिक्के वास्तव में वैध मुद्रा हैं, तो उन्हें न लेना कानूनी अपराध है। इस मामले में, उपभोक्ताओं को राहत दिलाने के लिए प्रशासन द्वारा उचित कदम उठाना आवश्यक है।