मधुपुर में कॉमर्शियल बिल्डिंगों के सामने उड़ रही है पार्किंग नियमावली की धज्जियाँ, शहर में बढ़ रहा ट्रैफिक जाम
मधुपुर: शहर में कॉमर्शियल बिल्डिंगों के सामने पार्किंग नियमों की जिस तरह से अनदेखी की जा रही है, वह शहर की ट्रैफिक व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। नगर परिषद द्वारा तय मानकों के अनुसार हर व्यावसायिक भवन के लिए निर्धारित पार्किंग स्पेस होना अनिवार्य है, लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग दिख रही है।
शहर के मुख्य बाजार, स्टेशन रोड, बस स्टैंड रोड और थाना रोड इलाके में अधिकांश व्यावसायिक बिल्डिंगों के सामने वाहन अवैध रूप से खड़े देखे जा सकते हैं। कई बिल्डिंग मालिक अपनी पार्किंग की जगह को दुकानों और गोदामों में बदलकर अतिरिक्त कमाई कर रहे हैं, जबकि ग्राहकों और दुकानदारों के वाहन सीधे सड़क पर खड़े होते हैं। इससे रोजाना घंटों जाम की स्थिति बनती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस और नगर परिषद की मिलीभगत या लापरवाही के कारण नियम का कोई पालन नहीं हो रहा है। कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन कार्रवाई न के बराबर होती है। परिणामस्वरूप बाजार क्षेत्रों में सड़कें सिकुड़ गई हैं और पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
ट्रैफिक कर्मियों का भी कहना है कि बिना पार्किंग वाले कॉमर्शियल भवन शहर की भीड़भाड़ का बड़ा कारण हैं। यदि नियमों के अनुसार पार्किंग स्पेस उपलब्ध कराया जाए तो जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि नगर परिषद को बिल्डिंग बाईलॉज के अनुसार सख्ती से निरीक्षण कर नियम उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना और सीलिंग जैसी कार्रवाई शुरू करनी चाहिए।
मधुपुर की बढ़ती व्यापारिक गतिविधियों के बीच पार्किंग व्यवस्था का सुधरना बेहद जरूरी हो गया है। नागरिकों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द कदम उठाए, ताकि शहर में ट्रैफिक व्यवस्था पटरी पर लौट सके।

