झारखंड में MSME पैकेज से रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
Jharkhand News: झारखंड सरकार राज्य में छोटे एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को मजबूत करने के लिए एक व्यापक पैकेज लाने की तैयारी में है। आने वाले वर्षों में सरकार की योजना है कि ग्रामीण और शहरी—दोनों इलाकों में ऐसे उद्योग खड़े किए जाएँ, जो कम लागत में अधिक रोजगार दे सकें। इसके लिए 2025–2030 तक का एक विस्तृत औद्योगिक विकास रोडमैप तैयार किया जा रहा है।
खनिज और कृषि आधारित उद्योग होंगे फोकस में
झारखंड की खनिज संपदा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार मिनरल-बेस्ड MSME यूनिट्स को प्राथमिकता दे रही है। स्टोन क्रशर, मिनरल प्रोसेसिंग, फेब्रिकेशन और फ्लाई ऐश आधारित उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा।
दूसरी ओर ग्रामीण इलाकों में दाल मिल, मसाला प्रोसेसिंग, फल-सब्जी प्रसंस्करण और शहद आधारित यूनिट्स को MSME पैकेज से विशेष मदद मिलेगी।
हस्तशिल्प और ट्राइबल उत्पादों को मिलेगा वैश्विक बाजार
डोकरा कला, तसर सिल्क, बांस उत्पाद और लकड़ी की कारीगरी जैसे ट्राइबल उत्पादों को ग्लोबल मार्केट तक पहुँचाने की तैयारी है। सरकार का दावा है कि इससे आदिवासी कारीगरों की आय दोगुनी हो सकती है।
पर्यटन और होमस्टे को आगे बढ़ाएगी सरकार
देवघर, मधुपुर, दुमका, नेतरहाट, रांची और घाटशिला जैसे पर्यटन स्थलों पर MSME पैकेज के तहत
-
होमस्टे
-
पर्यटन वाहन सेवा
-
स्थानीय फूड पॉइंट
-
एडवेंचर टूरिज़्म यूनिट
को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि पर्यटन सेक्टर युवा उद्यमियों के लिए सबसे तेज़ रोजगार का माध्यम बन सकता है।
MSME पैकेज के तहत मिलेगी बड़ी वित्तीय सहायता
प्रस्तावित पैकेज में शामिल होंगे—
-
बैंक लोन पर गारंटी (CGTMSE)
-
मशीनरी पर 25–40% सब्सिडी
-
वर्किंग कैपिटल सहायता
-
ई-मार्केटिंग और ब्रांडिंग सपोर्ट
-
महिला व युवा उद्यमियों के लिए विशेष स्कीम
जिलेवार उद्योगों की पहचान
हर जिले के लिए सेक्टर तय किए जा रहे हैं—
रांची: सर्विस सेक्टर, IT, फूड प्रोसेसिंग
जमशेदपुर: फेब्रिकेशन और इंजीनियरिंग
देवघर/मधुपुर: पर्यटन, कृषि प्रसंस्करण
धनबाद: मशीन रिपेयर और लॉजिस्टिक
दुमका/संथाल: हस्तशिल्प, टसर उत्पादन
50,000 से अधिक रोजगार का लक्ष्य
पांच साल में
-
50 मॉडल MSME यूनिट शुरू करने,
-
2,000 से अधिक इंडस्ट्री को सहायता देने
-
और कुल 50,000–70,000 नए रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।
आबादियाँ बोले—सूक्षम उद्योगों से बदलेगी तस्वीर
स्थानीय उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, अगर पैकेज सही तरीके से लागू हुआ, तो झारखंड न सिर्फ MSME हब बन सकता है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत समर्थन मिलेगा।

