मधुपुर अनुमंडल अस्पताल में स्टाफ की उपस्थिति पर सवाल, महीने में चंद दिनों की ड्यूटी और उठा रहे हैं पूरी तनख्वाह

Dec 11, 2025 - 09:18
Dec 11, 2025 - 09:19
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मधुपुर अनुमंडल अस्पताल में स्टाफ की उपस्थिति पर सवाल, महीने में चंद दिनों की ड्यूटी और उठा रहे हैं पूरी तनख्वाह
AI के द्वारा बनाई गई तस्वीर

Madhupur News: मधुपुर अनुमंडल अस्पताल में स्टाफ की उपस्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। कई मरीजों एवं अस्पताल में कार्यरत कर्मी ने वरीय अधिकारियों के भय से नाम न बताने के शर्त पर कहा कि कई कर्मचारी महीने में कुछ ही दिनों के लिए अस्पताल पहुँचते हैं, और वरीय अधिकारियों के मिली भगत से पूरी कागजी प्रक्रिय पूरी कर ली जाती है। साथ ही उन्हें पूरे महीने की तनख्वाह नियमित रूप से मिल जाती है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सीधा असर पड़ रहा है।

मरीजों को हो रही परेशानी

अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुँचते हैं, लेकिन आवश्यक स्टाफ मौजूद न रहने से उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ता है। कुछ विभागों में तो स्थिति ऐसी बताई जा रही है कि एक-दो कर्मी पूरे दिन का भार अकेले संभालते हैं।

फ़ील्ड के नाम पर कई स्टाफ रहते है अनुपस्थित 

फ़ील्ड में अपना कार्य दिखाकर ज्यादातर कर्मी भागे रहते हैं, कई लोगों का कहना है कि कर्मी कार्य अवधि में फील्ड जाते ही नहीं और अपना काम को दिखला कर नियमित तनख्वाह ले लेते हैं।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

शहरवासियों का कहना है कि अस्पताल में रिकॉर्ड पर मौजूद स्टाफ की संख्या और वास्तविक उपस्थिति में बड़ा अंतर है। कई बार ओपीडी समय के दौरान भी कई कमरे बंद मिलते हैं।

अस्पताल प्रबंधन समिति भी निष्क्रिय

अस्पताल की स्थिति सुधारने की जिम्मेदारी जिसकी होनी चाहिए—वही समिति लंबे समय से निष्क्रिय बताई जा रही है।

  • समिति की नियमित बैठकें नहीं हो रहीं
  • शिकायतों व समस्याओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं
  • अस्पताल के संसाधन, स्वच्छता, सुरक्षा और स्टाफ प्रबंधन जैसे मुद्दे बिना निगरानी के
  • मरीजों की आवाज़ उठाने वाला कोई प्रभावी सिस्टम नहीं

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रबंधन समिति की निष्क्रियता के कारण ही स्टाफ की उपस्थिति, व्यवस्था और जवाबदेही पर नियंत्रण पूरी तरह कमजोर पड़ गया है।

जांच की मांग तेज

जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने जिला स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि स्टाफ की उपस्थिति रजिस्टर, बायोमेट्रिक रिकार्ड और वेतन भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाए।

लोगों का मानना है कि यदि उपस्थिति में अनियमितता साबित होती है, तो संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। 

अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच होनी चाहिए।