मधुपुर अनुमंडल अस्पताल में ‘मुख्यमंत्री रख-रखाव फंड’ की खर्च राशि पर उठे सवाल

Dec 14, 2025 - 08:29
Dec 14, 2025 - 14:52
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मधुपुर अनुमंडल अस्पताल में ‘मुख्यमंत्री रख-रखाव फंड’ की खर्च राशि पर उठे सवाल

मधुपुर (देवघर): मधुपुर अनुमंडल अस्पताल में मुख्यमंत्री रख-रखाव फंड के उपयोग को लेकर स्थानीय जनता और सामाजिक संगठनों के बीच सवालों का दौर शुरू हो गया है। अस्पताल परिसर में लंबे समय से चल रही व्यवस्थागत कमियों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर फंड की राशि किस मद में और कैसे खर्च हो रही है।

अस्पताल में जमीनी स्थिति पर लोगों की नाराजगी

स्थानीय लोगों का कहना है कि—

शौचालयों की स्थिति खराब रहती है,

साफ-सफाई व्यवस्था कमजोर है,

कई उपकरण वर्षों से जर्जर स्थिति में पड़े हैं,

पंखों, लाइटों और पाइपलाइन की रिपेयरिंग भी अनियमित है।

इन हालातों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि रख-रखाव फंड से वास्तविक रूप से किन कार्यों पर खर्च किया गया।

सूचना मांगने की तैयारी

नगर के सामाजिक कार्यकर्ता अब फंड के उपयोग का विवरण सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं। कई संगठन RTI के माध्यम से यह जानकारी हासिल करने की तैयारी में हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि—

अस्पताल को फंड में कितना रुपये मिले,

किस विभाग/ठेकेदार द्वारा कौन सा कार्य कराया गया,

और किन मदों में राशि जारी की गई।

अस्पताल प्रबंधन की ओर से बयान आवश्यक

अस्पताल प्रशासन की ओर से अब तक विस्तृत जानकारी जारी नहीं की गई है। लोगों का कहना है कि यदि कार्य हुए हैं तो उसका उल्लेख, बिल और ग्राउंड रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।

स्थानीय प्रतिनिधियों से भी जवाबदेही की मांग

क्षेत्र के लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की बेहतरी के लिए दिया गया फंड सीधे जनता के हित से जुड़ा होता है। इसलिए जनप्रतिनिधियों और अस्पताल प्रबंधन को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए कि रख-रखाव फंड की राशि का वास्तविक उपयोग कहां और कैसे हुआ।

जांच और पारदर्शिता की जरूरत

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि फंड का उपयोग पारदर्शी हो और अस्पताल प्रबंधन नियमित रूप से रिपोर्ट जारी करे तो स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार स्वतः दिखाई देगा। वर्तमान स्थिति में पूरे खर्च विवरण की जांच और सार्वजनिक रिपोर्टिंग की मांग लगातार बढ़ रही है।