मधुपुर अनुमंडल अस्पताल में DGO मौजूद, फिर भी बाहरी अल्ट्रासाउंड सेंटर से MOU—खर्च और मंशा पर उठ रहे गंभीर सवाल

Dec 7, 2025 - 17:52
Dec 7, 2025 - 19:18
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मधुपुर अनुमंडल अस्पताल में DGO मौजूद, फिर भी बाहरी अल्ट्रासाउंड सेंटर से MOU—खर्च और मंशा पर उठ रहे गंभीर सवाल
AI के द्वारा बनाई गई तस्वीर

Madhupur News: मधुपुर अनुमंडल अस्पताल में पहले से ही नियुक्त DGO (महिला रोग विशेषज्ञ) के रहते हुए भी अस्पताल प्रबंधन द्वारा दो बाहरी अल्ट्रासाउंड सेंटर के साथ MOU (समझौता) किए जाने को लेकर स्थानीय स्तर पर कई सवाल उठने लगे हैं। सरकारी अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध होने के बावजूद बाहरी सेंटर से अल्ट्रासाउंड सेवाएं लेना न केवल अतिरिक्त खर्च को जन्म देता है, बल्कि अस्पताल की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर भी गंभीर संदेह खड़े करता है।

जानकारी के अनुसार, अस्पताल ने दो प्राइवेट अल्ट्रासाउंड सेंटर के साथ समझौता किया है, जिसके तहत कई जांचें बाहरी सेंटर द्वारा की जा रही हैं। जबकि अस्पताल में नियुक्त DGO नियमित रूप से उपलब्ध रहती हैं और विभागीय नियमों के अनुसार अल्ट्रासाउंड की कई सेवाएँ अस्पताल के माध्यम से ही संचालित की जा सकती थीं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बाहरी MOU के नाम पर सरकार के रख-रखाव एवं स्वास्थ्य मदों का पैसा ऐसे कार्यों में खर्च किया जा रहा है, जिसकी आवश्यकता ही नहीं थी। लोगों का सवाल है कि जब अस्पताल में विशेषज्ञ मौजूद हैं, तो क्या कारण था कि बाहरी सेंटर से समझौता किया गया? क्या यह प्रक्रिया टेंडर, नियम और स्वीकृति के तहत हुई या इसमें किसी स्तर पर अनियमितता है?

कई नागरिकों ने मांग की है कि पूरे MOU प्रक्रिया की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि अस्पताल की आंतरिक सेवाओं को दरकिनार कर बाहरी सेंटर के साथ साझेदारी क्यों और कैसे की गई। साथ ही यह भी देखा जाए कि इस समझौते से मरीजों पर और सरकारी खजाने पर कितना अतिरिक्त भार पड़ा है।

अस्पताल प्रबंधन की ओर से अब तक इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। स्थानीय लोगों व जनप्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य विभाग से पारदर्शी जांच की मांग की है, ताकि मरीजों को मिलने वाली सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में भरोसा कायम रह सके।