मधुपुर शहर में बिना नियम-संगत चल रहे हॉस्टल बने खतरा, छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल
मधुपुर: शहर में तेजी से बढ़ते निजी हॉस्टलों के संचालन पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। मधुपुर में बड़ी संख्या में ऐसे हॉस्टल चल रहे हैं जो न तो किसी पंजीयन के तहत आते हैं और न ही प्रशासन द्वारा तय किए गए मानकों का पालन करते हैं। इन अवैध हॉस्टलों के कारण सैकड़ों छात्रों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधा पर सीधा ख़तरा मंडरा रहा है।
जांच में सामने आया है कि कई हॉस्टल बिना फायर सेफ्टी, बिना सीसीटीवी कैमरा और बिना सुरक्षा गार्ड के चल रहे हैं। छात्रों को क्षमता से अधिक कमरों में ठूंस दिया जाता है, जिससे रहने की स्थिति बेहद खराब हो जाती है। भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और बिजली-पानी की व्यवस्था को लेकर भी लगातार शिकायतें बढ़ रही हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि शहर में नए शैक्षणिक केंद्रों के खुलने के साथ-साथ हॉस्टलों की संख्या तो बढ़ी, लेकिन इन पर किसी भी तरह की प्रशासनिक निगरानी नहीं की गई। यही वजह है कि कई हॉस्टल संचालक मनमाना शुल्क वसूलने के साथ-साथ नियमों की खुलेआम अवहेलना कर रहे हैं।
अभिभावक और छात्र दोनों ही प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि बिना लाइसेंस और बिना सुरक्षा मानकों के चल रहे हॉस्टल किसी भी समय बड़े हादसे या घटना का कारण बन सकते हैं।

