मधुपुर में PCPNDT एक्ट की खुलेआम उड़ रही धज्जियाँ, अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालक सिस्टम को दिखा रहे हैं ठेंगा
मधुपुर/देवघर: शहर में PCPNDT एक्ट (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques Act) के पालन को लेकर गंभीर अनियमितताएँ सामने रही हैं। सूत्रों के अनुसार अल्ट्रासाउंड केंद्रों में नियमों की अनदेखी करते हुए संदिग्ध तरीके से जांचें की जा रही हैं, जबकि प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही है।
स्थानीय नागरिकों और स्वास्थ्य से जुड़े लोगों का आरोप है कि—
- कई केंद्रों पर मान्यता प्राप्त रेडियोलॉजिस्ट की नियमित उपस्थिति नहीं रहती,
- तकनीशियन ही पूरे अल्ट्रासाउंड संचालन को संभाल रहे हैं,
- फॉर्म–F का अद्यतन और रिकॉर्ड में भारी गड़बड़ियाँ हैं,
- और कई मशीनों पर मासिक रिपोर्टिंग व ट्रैकिंग सिस्टम सही तरह लागू नहीं है।
PCPNDT एक्ट के अनुसार लिंग जांच पर रोक सुनिश्चित करने के लिए हर केंद्र पर प्रमाणित रेडियोलॉजिस्ट की उपस्थिति, मशीन की सीलिंग, रिकॉर्ड में पारदर्शिता और नियमित निरीक्षण अनिवार्य है। परंतु मधुपुर में इन सभी नियमों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ते देखी जा रही हैं।
सामाजिक संगठनों ने चेताया है कि जिले का लिंगानुपात पहले से ही चिंता का विषय है, ऐसे में नियमों की अनदेखी भविष्य में गंभीर सामाजिक असंतुलन पैदा कर सकती है। कई लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से “स्पेशल ड्राइव” चलाकर सभी केंद्रों की जांच की मांग की है।
उधर स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों की सूची मांगी गई है और जल्द ही निरीक्षण अभियान शुरू किया जाएगा। विभाग का दावा है कि उल्लंघन पाए जाने पर लाइसेंस निलंबन से लेकर मशीन सीलिंग तक की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल शहर में यह सवाल तेज़ी से उठ रहा है कि—
क्या केवल कागज़ी रेडियोलॉजिस्ट पर केंद्र संचालित होता रहेगा?
क्या ऐसे सेंटरों का संचालन बंद होगा?
क्या सभी सेंटरों का सीसीटीवी कैमरे जांच किए जाएंगे?
“क्या मधुपुर में PCPNDT एक्ट केवल कागज़ों में सीमित रह गया है?”

