स्वास्थ्य विभाग मौन: मधुपुर में वर्षों से तकनीशियन के सहारे संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटर सिंडिकेट मरीजों के साथ कर रहे हैं धोखा
Madhupur Ultrasound News: मधुपुर में लंबे समय से एक ऐसे अल्ट्रासाउंड सेंटर सिंडिकेट की चर्चा है, जो कथित तौर पर तकनीशियन-आधारित संचालन और कागज़ी स्तर पर डॉक्टरों की मौजूदगी दिखाकर काम करता रहा है। स्थानीय लोगों की मानें तो इस पैटर्न के चलते वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और मरीजों की सुरक्षा पर सवाल उठते रहे हैं।
आख़िर स्वास्थ्य विभाग क्यों मौन है, ऐसे सभी केंद्रों की व्यापक जांच क्यों नहीं की जा रही है। जिला स्वास्थ्य विभाग से लोगों ने जांच के दायरे में आने वाले प्रमुख बिंदुओं पर जांच की मांग की है —
डॉक्टरों की वास्तविक उपस्थिति
मशीन और लॉगबुक का डेटा
लाइसेंस एवं पीसीपीएनडीटी से जुड़े रजिस्टर
तकनीशियन और रेडियोलॉजिस्ट के कार्य घंटे
अस्पताल एवं निजी केंद्रों के बीच हुए एमओयू
सेंटर में लगे सीसीटीवी कैमरे की जाँच
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जांच में अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो ऐसे केंद्रों पर लाइसेंस निलंबन, रद्दीकरण, भारी जुर्माना सहित आवश्यक कानूनी कार्रवाई संभव है।
स्थानीय नागरिक अब उम्मीद जता रहे हैं कि वर्षों से सक्रिय बताये जा रहे इस तकनीक आधारित अल्ट्रासाउंड सिंडिकेट पर अंकुश लगने से क्षेत्र में सही मेडिकल व्यवस्था और पारदर्शिता की राह मजबूत होगी।

